Bedtime Stories For Kids In Hindi | लोकप्रिय शिक्षाप्रद बेडटाइम स्टोरी

Bedtime Stories For Kids In Hindi : नींद की कहानियाँ एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं बच्चों की परवरिश और उनकी मनोहारी दुनिया में संतुष्टि के लिए। ये कहानियाँ रात के समय बच्चों को सुलाने के लिए सुनाई जाती हैं और उनके सपनों में चमत्कारिक रूप से जीवित हो जाती हैं।

Best Bedtime Stories in Hindi for Kids: बच्चे कहानी सुनना और पढ़ना बहोत अच्छा लगता है। नैतिक कहानियां, डरावनी नी कहानियां, बच्चों के लिए मज़ेदार कहानियाँ, सुपर हीरो की कहानियांरात को सोने से पहले सुननेवाली कहानियांछोटे बच्चो की कहानियां ओर भी कई तरह की कहानियां होती है। जो बच्चो को अच्छी लगती है।

Bedtime Stories For Kids In Hindi | लोकप्रिय शिक्षाप्रद बेडटाइम स्टोरी

Bedtime Stories For Kids In Hindi | लोकप्रिय शिक्षाप्रद बेडटाइम स्टोरी
Bedtime Stories For Kids In Hindi | लोकप्रिय शिक्षाप्रद बेडटाइम स्टोरी

नींद की कहानियाँ अक्सर सर्वाधिकारिक और मनोहारी होती हैं, जो बच्चों की रुचि को जगाती हैं और उनके विचारों को प्रेरित करती हैं। इन कहानियों के माध्यम से, बच्चे मोरल अद्यात्म और अच्छे संस्कार सीखते हैं, जैसे कि दोस्ती, सहयोग, समय की महत्ता, और बुराई के खिलाफ लड़ना।

नींद की कहानियाँ बच्चों की स्वतंत्रता को बढ़ावा देती हैं, नैतिक कहानियाँ उन्हें आपसी संबंधों का महत्व समझाती हैं और उन्हें नये और रंगीन सपनों का निर्माण करने के लिए प्रेरित करती हैं। इन कहानियों के माध्यम से, बच्चे सकारात्मक विचार सोचने और संवेदनशीलता को समझने की क्षमता विकसित करते हैं।

1. हाथी और कुत्ते की कहानी | Hathi aur Kutte ki Kahani

हाथी और कुत्ते की कहानी | Hathi aur Kutte ki Kahani
हाथी और कुत्ते की कहानी | Hathi aur Kutte ki Kahani

एक समय की बात है किसी राज्य में एक शक्तिशाली राजा राज्य करता था। उस राजा के महल में बहुत से हाथी थे किंतु राजा का सबसे प्रिय हाथी सरमन था। सरमन बहुत ही शक्तिशाली और बुद्धिमान हाथी था । राजा जब भी लड़ाई के मैदान में जाता तो हमेशा सरमन पर ही सवार होकर जाता था और अपना हर युद्ध जीत कर आता था।

राजा ने सरमन के लिए एक अलग ही कक्ष बना रखा था जिसमें सरमन रहता और खाता पीता था। सरमन की सेवा के लिए अलग से महावत लगा हुआ था। सरमन हाथी जहां रहता था उसी के पास कुत्ते का एक बच्चा भी रहता था । राजा का प्रिय हाथी होने के कारण सरमन को तरह-तरह के स्वादिष्ट पकवान दिए जाते थे ।

सरमन के खाने के बाद जो भी जूठन बचती उसे चुपके से कुत्ते का बच्चा खा लेता था। सरमन शक्तिशाली होने के साथ ही बहुत ही दयालु प्रवृत्ति का हाथी था । उसने देखा कि कुत्ते का बच्चा उसकी जूठन खाकर अपना पेट भरता है तो उसने कुत्ते के बच्चे से कहा- ” तुम मेरे खाने के बाद जो बचता है उसे क्यूँ खाते हो ? तुम आज से मेरे संथ ही खाना खाया करो ।

“कुत्ते का बच्चा बोला- ” आप राजा के प्रिय हाथी हो मै आपके सांथ खाना कैसे खा सकता हूँ |”

कुत्ते के बच्चे की बातें सुनकर सरमन हाथी बोला- ” एक काम करो तुम मेरे मित्र बन जाओ फिर तो हम दोनोंसांथ में बैठ कर खाना खा सकते हैं |”

हाथी अकेला बोर होता था उसने कुत्ते के बच्चे के सांथ दोस्ती कर ली और दोनों सांथ में खाना खाते और खेलते थे । धीरे-धीरे कुत्ते का बच्चा बड़ा होने लगा और अच्छा भोजन खाने के कारण काफी हष्ट पुष्ट हो गया। एक दिन व्यापारी उस रास्ते से गुजर रहा था । व्यापारी की नजर उस कुत्ते पर पड़ी और उसने सोचा की इतना हष्ट पुष्ट कुत्ता मेरे घर की रखवाली के लिए अच्छा रहेगा। व्यापारी ने महावत को कुछ रुपए का लालच दिया । महावत का कुत्ते पर कोई अधिकार नहीं था फिर भी पैसे के लालच में उसने व्यापरी को कुत्ता बेंच दिया । व्यापारी कुत्ते को अपने साथ ले गया।

उधर कुत्ता भी हाथी से बिछड़ कर बहुत दुखी था । कुत्ते के जाने से सरमन हाथी भी उदास रहने लगा और और उसने खाना पीना कम कर दिया। धीरे-धीरे हाथी कमजोर होने लगा । राजा ने जब हाथी की ऐसी हालत देखी तो वह बहुत चिंतित हुआ और उसने महावत से हाथी के कमजोर होने का कारण पूछा।

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महावत को को भी समझ में नहीं आ रहा था कि हाथी को क्या हो रहा है। राजा ने राजवैध को बुलाया और पूछा- ” मेरे इस प्रिय हाथी को क्या हुआ यह दिन प्रतिदिन कमजोर होता जा रहा है । राजवैध ने हाथी का परिक्षण किया और रजा को जवाब दिया- ” महाराज ! हाथी किस के वियोग से दुखी है इसी कारण इसने खाना पीना छोड़ दिया है और कमजोर होने लगा है |”

राजा ने जब इसके बारे में जानकारी एकत्र की तो उसे पता चला कि हाथी की दोस्ती एक कुत्ते से थी और कुत्ते के जाने के बाद से ही हाथी का स्वास्थ्य खराब हुआ है। राजा ने अपने सैनिकों को आज्ञा दी कि किसी भी तरह उस कुत्ते का पता लगाकर उसे वापस लाया जाए। सैनिकों ने कुत्ते का पता लगाकर व्यापारी सहित कुत्ते को राजा के सामने पेश किया।

व्यापारी ने रजा को पूरी बात बतलाई | राजा बहुत दयालु प्रवृत्ति का था उसने महावत और व्यापारी को माफ कर दिया और कुत्ते को हाथी के पास भेज दिया। कुत्ते को देखते ही हाथी अत्यंत प्रसन्न हुआ और कुत्ते को अपनी सूंढ़ में लपेट कर अपनी पीठ पर बैठा लिया। हाथी से मिलकर कुत्ता भी फूला नहीं समा रहा था। कुत्ते के आते ही हाथी ने फिर से खाना शुरू कर दिया और पहले की तरह हष्ट-पुष्ट और स्वस्थ हो गया।

शिक्षा – हाथी और कुत्ते की कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि दोस्ती में कोई बड़ा छोटा या अमीर गरीब नहीं होता।

2. बंदर और मगरमच्छ | Bedtime Stories in Hindi Panchtantra

बंदर और मगरमच्छ | Bedtime Stories in Hindi Panchtantra
बंदर और मगरमच्छ | Bedtime Stories in Hindi Panchtantra

एक बार की बात है एक तालाब में एक बुड्ढा मगरमच्छ रहता था। वह बड़ी मुश्किल से शिकार पकड़ पाता था। जिसके कारण उसे कई बार भूखा ही रहना पड़ता था। एक दिन वह तालाब में मछलियां पकड़ रहा था लेकिन बुड्ढा होने के कारण वह कोई भी मछली पकड़ नहीं पाया।

थककर वह तालाब के किनारे जाकर आराम करने लगा। तालाब के किनारे एक जामुन का पेड़ था। जिसके ऊपर एक बंदर जामुन खा रहा था। मगरमच्छ ने बंदर को कहा कि मैं बहुत भूखा हूं इसलिए मुझे कुछ जामुन दे दो।

बंदर ने कुछ जामुन तोड़कर मगरमच्छ को दे दिए। मीठे मीठे जामुन खा कर मगरमच्छ बहुत खुश हुआ। इस तरह जब भी मगरमच्छ शिकार नहीं पकड़ पाता था तो वह बंदर के पास जाकर जामुन मांगता था। इसके बदले में मगरमच्छ बंदर को अपनी पीठ पर बिठाकर तालाब की सैर कराता था।

कुछ दिनों में बंदर और मगरमच्छ अच्छे दोस्त बन गए। एक दिन मगरमच्छ ने कहा कि तुम कुछ जामुन मुझे तोड़ कर दे दो। इसे ले जाकर मैं अपनी बीवी को दूंगा वह भी इतने मीठे जामुन खा कर बहुत खुश हो जाएगी।

बन्दर ने कुछ जामुन तोड़ कर मगरमच्छ को दे दिए। मगरमच्छ जामुन लेकर अपनी बीवी के पास लेकर गया। मगरमच्छ की बीवी ने जामुन खा कर कहा कि यह जामुन तो बहुत मीठे है। यदि यह जामुन इतनी मीठे है तो रोज़ जामुन खाने वाला बंदर का दिल कितना मीठा होगा।

वैसे भी मैंने बहुत दिनों से किसी का मांस नहीं खाया यह कहकर मगरमच्छ कि बीवी मगरमच्छ से बंदर का दिल लाने के लिए कहती है। मगरमच्छ के बहुत बार मना करने के बावजूद भी वह नहीं मानी। मगरमच्छ थक हारकर बंदर का दिल लेने के लिए चला गया।

वह बंदर के पास जाकर बोला कि आज मेरी बीवी ने तुम्हारे लिए बहुत अच्छा पकवान बनाया है इसलिए तुम मेरे साथ चलो बन्दर यह सुनकर बहुत खुश हुआ और मगरमच्छ की पीठ पर सवार होकर जाने लगा। रास्ते में मगरमच्छ ने बंदर को सही बात बता दी कि मेरी बीवी तुम्हारा दिल खाना चाहती है।

बंदर को जब यह बात पता लगी तो वह मगरमच्छ से कहने लगा कि मैंने अपना दिल पेड़ पर रख रखा है। यदि तुम मुझे पहले बताते तो मैं उसे साथ में लेकर आ जाता लेकिन अब हमें दिल लेने पेड़ पर दोबारा जाना पड़ेगा। यह सुनकर मगरमच्छ बन्दर को पेड़ पर ले गया।

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पेड़ के ऊपर चढ़कर बंदर ने मगरमच्छ को कहा कि मैं तुमको अपना सच्चा मित्र समझता था लेकिन तुम मुझे आज अपनी बीवी के हाथ मरवाना चाहते थे। तुम बड़े मूर्ख हो क्या कोई अपना दिल निकाल कर जिंदा रह सकता है। अब तुम्हारी मेरी दोस्ती खत्म और तुम्हे अब कोई जामुन भी नहीं मिलेंगे। यह सुनकर मगरमच्छ चला गया।

शिक्षा – इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें मुश्किल वक्त में कभी भी घबराना नहीं चाहिए जिस तरह बंदर ने मुश्किल वक्त में ना घबराते बड़ी चतुराई से काम लिया और अपनी जान बचाई।

3. साही और सांप की कहानी ( लोकप्रिय शिक्षाप्रद बेडटाइम स्टोरी )

एक साही अपने रहने के लिए स्थान की खोज में भटक रहा था। दिन भर भटकने के बाद उसे एक गुफा दिखाई पड़ी। उसने सोचा – ‘ये गुफा रहने के लिए अच्छी जगह है।‘

वह गुफा के द्वार पर पहुँचा, तो देखा कि वहाँ सांपों का परिवार रहता है।

साही ने उन सबका अभिवादन किया और निवेदन करते हुए बोला, “भाइयों! मैं बेघर हूँ। कृपा करके मुझे इस गुफा में रहने के लिए थोड़ी सी जगह दे दो। मैं सदा आपका आभारी रहूंगा।”

सांपों को साही पर दया आ गई और उन्होंने उसका निवेदन स्वीकार कर उसे गुफा के अंदर आने की अनुमति दे दी। लेकिन उसके गुफा में घुसने के बाद उन्होंने महसूस किया कि उसे अंदर बुलाकर और रहने कि जगह देकर उन्होंने बहुत बड़ी गलती कर दी, क्योंकि साही के शरीर के कांटे उन्हें गड़ रहे थे और उनकी त्वचा ज़ख्मी हो रही थी।

उन्होंने साही से कहा, “तुम्हारे शरीर के कांटे हमें गड़ रहे हैं। इसलिए तुम यहाँ से जाओ और कोई दूसरी जगह खोजो।”

साही तब तक आराम से गुफा में पसर चुका था। बोला, “भई मुझे तो ये जगह बहुत पसंद है। मैं तो कहीं नहीं जाने वाला। जिसे समस्या है, वो जाये यहाँ से।”

अपनी त्वचा को साही के शरीर के कांटों से बचाने के लिए आखिरकार सांपों को वह गुफा छोड़कर जाना पड़ा। सांपों के जाने के बाद साही ने वहाँ पूरी तरह कब्जा जमा लिया।

सीख – कई बार हम उंगली देते हैं और सामने वाला हाथ पकड़ लेता है। इसलिए किसी की मदद करने के पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लेना चाहिए।

4. मूर्ख भालू की कहानी (Bedtime Stories For Kids)

मूर्ख भालू की कहानी (Bedtime Stories For Kids)
मूर्ख भालू की कहानी (Bedtime Stories For Kids)

एक जंगल में एक लालची भालू रहता था. वह हर समय ज्यादा की तलाश में रहता था. थोड़े से वह कभी संतुष्ट नहीं होता है. एक दोपहर जब वह सोकर उठा, तो उसे ज़ोरों की भूख लग आई. वह भोजन की तलाश में निकल पड़ा.

उस दिन मौसम साफ़ था. सुनहरी धूप खिली हुई थी. भालू ने सोचा, “कितना अच्छा मौसम है. इस मौसम में तो मुझे मछली पकड़नी चाहिए. चलो, आज मछली की ही दावत की जाए.”

ये सोचकर उसने नदी की राह पकड़ ली. नदी किनारे पहुँचकर भालू ने सोचा कि एक बड़ी मछली हाथ लग जाये, तो मज़ा आ जाये. उसने पूरी उम्मीद से नदी में हाथ डाला और एक मछली उसके हाथ आ गई. वह बहुत ख़ुश हुआ. लेकिन, जब उसने हाथ नदी से बाहर निकला, तो देखा कि हाथ लगी मछली छोटी सी है.

वह बहुत निराश हुआ. अरे इससे मेरा क्या होगा? बड़ी मछली हाथ लगे, तो बात बने. उसने वह छोटी मछली वापस नदी में फ़ेंक दी और फिर से मछली पकड़ने तैयार हो गया.

कुछ देर बाद उसने फिर से नदी में हाथ डाला और उसके हाथ फिर से एक मछली लग गई. लेकिन, वह मछली भी छोटी थी. उसने वह मछली भी यह सोचकर नदी में फेंक दी कि इस छोटी सी मछली से मेरा पेट नहीं भर पायेगा.

वह बार-बार नदी में हाथ डालकर मछली पकड़ता और हर बार उसके हाथ छोटी मछली लगती. वह बड़ी की आशा में छोटी मछली वापस नदी में फेंक देता. ऐसा करते-करते शाम हो गई और उसके हाथ एक भी बड़ी मछली नहीं लगी.

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भूख के मारे उसका बुरा हाल हो गया. वह सोचने लगा कि बड़ी मछली के लिए मैंने कितनी सारी छोटी मछलियाँ फेंक दी. उतनी छोटी मछलियाँ एक बड़ी मछली के बराबर हो सकती थी और मेरा पेट भर सकता था.

सीख – “आपके पास जो है, उसका महत्व समझें. भले ही वह छोटी सही, लेकिन कुछ न होने से बेहतर है.”

5. मोगली की कहानी – सबसे बड़ा खजाना

मोगली की कहानी - सबसे बड़ा खजाना
मोगली की कहानी – सबसे बड़ा खजाना

एक दिन मोगली को एक खजाने का नक्शा मिला। इस नक्शे को पाकर मोगली काफी ज्यादा खुश हुआ और उसने इस खजाने को खोजने जाने का मन बनाया।

मोगली अगले ही दिन खजाने की खोज में निकल पड़ा। एक लंबा रास्ता काटने के बाद मोगली एक दूसरे जंगल तक पहुंच गया।

इस जंगल में प्रवेश करते ही मोगली ने एक शेर देखा। मोगली ने शेर को कहा आप बहोत ताकतवर और साहसी हैं, क्या आप मेरे साथ एक खजाने की खोज पर आएंगे? शेर सहमत हो गया और मोगली के सफर में जुड़ गया।

जंगल घना था और काफी डरावना भी क्योंकि इसमें रोशनी कम पहोचने के कारण इसमें खूब अंधेरा भी था। मोगली थोड़ा डर गया था लेकिन शेर के साथ ने उसमे हिम्मत जगाई।

दोनों ने आखिरकार जंगल पार कर लिया।वो दोनो अब पहाड़ के पास पहुँचे जहां उन्हें चील दिखाई दी।

मोगली की कहानी - सबसे बड़ा खजाना
मोगली की कहानी – सबसे बड़ा खजाना

मोगली ने चील से कहा – आपके पास उत्कृष्ट दृष्टि है और आप दूर से ही देखकर हमें आनेवाले खतरों के प्रति सचेत कर सकते हैं। मोगली ने चील से पूछा – क्या आप हमारे साथ आएंगे हम एक खजाने की तलाश कर रहे हैं?

चील सहमत हो गया और मोगली और शेर के साथ उनके सफर में जुड़ गया। पहाड़ ऊंचे थे और टेढ़े-मेढ़े, इनपर चलते दौरान शेर फिसल गया लेकिन मोगली ने उसे हाथ बढ़ाकर संभाल लिया।

अब चील ने अपनी तेज दृष्टि के साथ हर कदम पर नजर रखी और उनको सावधान किया, वे जल्द ही घाटी में पहुंचे जहां वे भेड़ से मिले।

मोगली ने भेड़ से कहा – आप के पास इतना सारा उन है और इन पहाड़ों में इतनी ठंड पड़ती है, क्या आप हमारे साथ एक खजाने की खोज में शामिल होंगे? भेड़ सहमत हो गई और मोगली, शेर और चील से जुड़ गई।

जब वे बड़े घास के मैदान में पहोचे ,वहा बड़ी ठंडी हवा बेह रही थी, वे सभी भेड़ की आड़ में चलते रहे, जिसने उन्हें गर्म और आरामदायक रखा।

ये सभी अंत में रेगिस्तान में पहुंच गए, जहां वे ऊंट से मिले, मोगली बोला – आपको रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है, उसने ऊंट से कहा क्या आप हमें रेगिस्तान पार करने और खजाने की खोज में शामिल होंगे? ऊंट सहमत होगया और सभी के साथ वो भी सफर में जुड़ गया।अब सभी विशाल रेगिस्तान में खुशी-खुशी चलने लगे सभी उंट पर सवार हुए और ऊंट सरपट दौड़ने लगा और सभी ने उत्साह के साथ रेगिस्तान को पार किया।

सबने माना कि उनका ये सफर काफी रोमांचकारी था। सभी आखिरकार समुद्र में पहुंच गए जहां वे कछुए से मिले, क्या आप समुद्र पार करने में हमारी मदद कर सकते हैं मोगली ने कछुए से पूछा। हम एक खजाने की खोज पर हैं क्या आप हमारे साथ आएंगे? कछुआ सहमत हो गया। और इस बड़े काफिले में शामिल हो गया।

अब सभी एक नाव में सवार हो गए और समुंदर पार करने लगे। लेकिन आगे उबड़-खाबड़ लहरों ने उनको को लगभग डुबो ही दिया था लेकिन कछुआ अपनी तैरने की कुशलता से उन्हें उस पार ले गया।

वे दूसरी तरफ उल्लू से मिले, उल्लू ने अपने सालो पुराने तजुर्बे से कहा बधाई हो आपको खजाना मिल गया है, यह सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि आप एक साथ मिल जुलकर जंगल से गुजरे, पहाड़ों पर चढ़ाई की,ठंडे मैदान और घाटियों को पार किया ,रेगिस्तान को पार किया और समुद्र को पार किया।

आप एक दूसरे के बिना ऐसा कभी नहीं कर पाते। वे सभी एक-दूसरे को देखने लगे और महसूस किया कि उल्लू सही बोल रहा था। उन्हें एक दूसरे की पक्की दोस्ती मिली थी और वास्तव में यही उनके जीवन का सबसे बड़ा खजाना था।

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